0^1 कोरिन्थीकोरिन्थी सभक लेल पौलुसक धन्यवादमण्डली मे अलग-अलग दलक्रूस पर मसीहक मृत्यु—परमेश्वरक सामर्थ्य आ बुद्धिक प्रदर्शनपरमेश्वरक बुद्धि पवित्र आत्मा द्वारा प्रगट कयल जाइत अछिसेवक, सेवा आ मण्डली—सभ किछु परमेश्वरकमसीह-दूत सभक चर्चा द्वारा चेतावनीमण्डली मे भयंकर कुकर्ममण्डलीक भाइ-भाइक बीच मोकदमा!अपन शरीर द्वारा परमेश्वरक सम्मान करूविवाह सम्बन्धी प्रश्न सभक उत्तरचढ़ाओल वस्तुक सम्बन्ध मे उत्तर—ज्ञाने पर नहि, प्रेमो पर आधारितमसीह-दूत छी मुदा तकर लाभ नहि उठबैत छीस्वतन्त्र छी मुदा अपना केँ सभक गुलाम बनबैत छीयहूदी सभक इतिहासक उदाहरण दऽ चेतावनीमूर्ति आ प्रभु, दूनूक सेवा नहि कऽ सकैत छीदोसराक हितक लेल अपन स्वतन्त्रता त्यागूपरमेश्वर द्वारा स्थापित कयल अधिकारक क्रमप्रभु-भोजक विषय मे शिक्षामण्डली केँ परमेश्वरक आत्मा द्वारा देल गेल अनेक वरदानशरीर एक—अंग अनेकप्रेम—सभ सँ उत्तम तरीकावरदान सभ अछि मण्डलीक आत्मिक वृद्धिक लेलमण्डलीक सभा मे उचित व्यवस्थायीशु मसीहक सुसमाचारअपना सभक विश्वासक आधार—यीशु जीबि उठलाह तँ अपनो सभ जिआओल जायबकेहन रूप मे जिआओल जायब?यरूशलेमक मण्डलीक लेल दानपौलुसक कार्यक्रम आ किछु अन्तिम निवेदननमस्कार आ आशीर्वाद