0^1 यूहन्नाजीवन के वचन की घोषणापरमेश्वर के साथ सहभागितायीशु हमारा सहायकपरमेश्वर की आज्ञाएँसबसे प्रेम करोपत्री लिखने का कारणसंसार के विषय में चेतावनीअन्तिम समय के धोखेअनन्त जीवन की प्रतिज्ञापरमेश्वर की सन्तानपाप और परमेश्वर की सन्तानपरस्पर प्रेम से रहोपरमेश्वर के सम्मुख साहसआत्माओं को परखोप्रेम द्वारा परमेश्वर को जाननाप्रेम द्वारा परमेश्वर को देखनासंसार पर विजयमसीह के विषय गवाहीअनन्त जीवनप्रभावी प्रार्थनानिष्कर्ष