0^प्रकाशनप्रस्तावनासंबोधन, नमस्कार तथा स्तुतिईश्वरीय दर्शन का प्रारंभइफ़ेसॉस की कलीसिया कोस्मुरना की कलीसिया कोपेरगामॉस की कलीसिया कोथुआतेइरा की कलीसिया कोसारदेइस की कलीसिया कोफ़िलादेलफ़ेइया की कलीसिया कोलाओदीकेइया की कलीसिया कोस्वर्गीय सिंहासनपुस्तक तथा मेमनापहली मोहर1,44,000 पर मोहरसफ़ेद वस्त्रों में विशाल भीड़सातवीं मोहरपहिली चार तुरहियांपांचवीं तुरहीनिकट आता अंतिम दंडदो गवाहसातवीं तुरहीस्त्री तथा परों वाला सांपपरों वाले सांप और हिंसक पशुझूठा भविष्यद्वक्ता—हिंसक पशु का दासमेमना तथा 1,44,000तीन स्वर्गदूतपृथ्वी पर उपज तथा दाख इकट्ठा करनासात विपत्तियां लिए हुए सात स्वर्गदूतपरमेश्वर के क्रोध के सात कटोरेकुख्यात व्यभिचारिणी तथा हिंसक पशुस्वर्गदूत द्वारा बाबेल के पतन की घोषणापरमेश्वर की प्रजा का अलग किया जानापृथ्वी पर बाबेल के लिए विलापमहानगर बाबेल की अंतिम स्थितिस्वर्ग में विजय का यशगानघुड़सवार सफ़ेद घोड़े परहज़ार वर्ष का राज्यशैतान के लिए तय किया गया दंडमरे हुओं का न्यायस्वर्गीय येरूशलेममसीहिक येरूशलेमजीवन की नदीमसीह येशु का निकट आता आगमनउपसंहार: निमंत्रण और चेतावनी