0^कुलुस्सीधन्यवाद और प्रार्थनामसीह मे परमेश्वरक समस्त परिपूर्णतामण्डलीक लेल पौलुसक परिश्रममसीह मे विश्वासीक पूर्णतामसीह मे विश्वासीक स्वतन्त्रतापृथ्वी परक नहि, स्वर्गीय वस्तु सभ पर मोन लगाउनव स्वभावक अनुसार जीनाइपारिवारिक जीवन मे प्रभु केँ आदर देबऽ वला व्यवहारप्रार्थना मे लागल रहूनमस्कार आ आशीर्वाद