0^प्रकाशितवाक्यपरिचयसातों कलीसियाओं को यूहन्ना का अभिवादनयूहन्ना को मसीह का दर्शनइफिसुस - प्रेमहीन कलीसियास्मुरना - सताई हुई कलीसियापिरगमुन - समझौता की हुई कलीसियाथुआतीरा - भ्रष्ट कलीसियासरदीस - मृत कलीसियाफिलदिलफिया - विश्वासयोग्य कलीसियालौदीकिया - गुनगुनी कलीसियास्वर्ग में दृश्यस्वर्ग में आराधनामुहरबन्द पुस्तक कौन खोल सकता है?स्वर्गदूतों द्वारा मेम्ने की प्रशंसाप्रथम मुहर—सफेद घोड़े पर सवारदूसरी मुहर—युद्धतीसरी मुहर—अकालचौथी मुहर—मृत्युपाँचवी मुहर—शहीदछठवीं मुहर—आतंकएक अंतरालइस्राएल के 1,44,000 लोगक्लेश से एक बड़ी भीड़सातवीं मुहर—तुरहियाँ और सोने का धूपदानप्रथम तुरहीदूसरी तुरहीतीसरी तुरहीचौथी तुरहीपाँचवी तुरहीछठवीं तुरहीस्वर्गदूत और छोटी पुस्तकदो गवाहसातवीं तुरहीस्त्री और विशालकाय अजगरअजगर स्वर्ग से बाहर फेंका गयास्त्री सताई गईसमुद्र में से निकले दो पशुपृथ्वी में से निकला पशुमेम्ना और 1,44,000 लोगतीन स्वर्गदूतों की घोषणापृथ्वी की फसल की कटनीप्रकोप से भरे हुए सात सोने के कटोरेप्रथम कटोरादूसरा कटोरातीसरा कटोराचौथा कटोरापाँचवाँ कटोराछठा कटोरासातवाँ कटोरास्त्री और लाल रंग का पशुस्त्री और पशु का अर्थमेम्ने के लिये विजयबाबेल का विनाशबाबेल के लिये विलापबाबेल के विनाश की अन्तिम स्थितिस्वर्ग में परमेश्वर की स्तुतिसफेद घोड़े पर सवारपशु और उसकी सेना का पराजित होनाशैतान को 1000 वर्ष के लिये अथाह कुण्ड में डालनामसीह के साथ 1,000 वर्ष तक राज्य करनाशैतान का विनाशश्वेत महा सिंहासन और अन्तिम न्यायनई सृष्टिमेम्ने की दुल्हननया यरूशलेमनये यरूशलेम की महिमाजीवन-जल की नदीयीशु मसीह का पुनरागमनयीशु मसीह कलीसिया के लिये गवाहीचेतावनी