0^मत्तीयीशु मसीह की वंशावलीयीशु मसीह का जन्मज्योतिषियों का पूरब से आगमनमिस्र देश को भागनाहेरोदेस द्वारा छोटे बालकों को मरवानामिस्र देश से वापसीयूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले का प्रचारयूहन्ना द्वारा यीशु मसीह का बपतिस्माशैतान द्वारा यीशु मसीह की परीक्षायीशु के उपदेश का आरम्भप्रथम चेलों का बुलाया जानागलील में रोगियों को चंगा करनायीशु मसीह का पहाड़ी उपदेशधन्य वचननमक और ज्योति से तुलनाव्यवस्था का पूरा होनाहत्या और क्रोध का दण्डव्यभिचार के विषय में शिक्षातलाक के विषय में शिक्षाशपथ न खानाप्रतिशोध ना लेनादान के विषय में शिक्षाप्रार्थना की शिक्षाउपवास की शिक्षास्वर्ग में धन इकट्ठा करोशरीर का दीयाकिसी बात की चिंता ना करनादोष मत लगाओपरमेश्वर से माँगना और पानासरल और कठिन मार्गफलों से पेड़ की पहचानबुद्धिमान और मूर्ख मनुष्यकोढ़ के रोगी को छूकर चंगा करनासूबेदार के विश्वास पर यीशु की प्रशंसापतरस के घर में अनेक रोगियों की चंगाईयीशु का शिष्य बनने का मूल्यआँधी और तूफान को शान्त करनादुष्टात्माओं को सूअरों के झुण्ड में भेजनाएक लकवे के रोगी को चंगा करनायीशु के द्वारा मत्ती का बुलाया जानायूहन्ना के चेलों का उपवास का प्रश्नमृत लड़की का जी उठनाअंधों का विश्वासएक गूँगे को चंगाईमजदूरों को भेजने के लिए विनतीबारह प्रेरितचेलों को सेवा के लिए भेजा जानाआनेवाला कठिन समयचेला होने का अर्थकिस से डरे?यीशु को स्वीकार या अस्वीकार करनाप्रतिफलयूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले का प्रश्नयीशु के द्वारा यूहन्ना का सम्मानमन नहीं फिराने वालों पर हाययीशु के पास विश्रामयीशु सब्त का प्रभुसूखे हाथ वाला मनुष्यपरमेश्वर का चुना हुआ सेवकयीशु और दुष्टात्माओं के शासकएक पेड़ अपने फल से पहचाना जाता हैंयीशु से चिन्ह की माँगअशुद्ध आत्मा को घर की तलाशयीशु का सच्चा परिवारकेवल अच्छी भूमि में फलों के उत्पादन का दृष्टान्तदृष्टान्तों का उद्देश्यअच्छी भूमि के दृष्टान्त की व्याख्यागेहूँ और जंगली बीज का दृष्टान्तराई के बीज का दृष्टान्तख़मीर का दृष्टान्तदृष्टान्तों का प्रयोगजंगली बीज के दृष्टान्त की व्याख्यागुप्त धनअनमोल मोतीजाल का दृष्टान्तनई और पुरानी शिक्षा का महत्त्वयीशु का नासरत में फिर से आनाहेरोदेस का यीशु के बारे में सुननायूहन्ना की हत्यापाँच हजार लोगों को खिलानापानी पर यीशु का चलनायीशु द्वारा गन्नेसरत में अनेक रोगियों को चंगाईपरम्परा और आज्ञा उल्लंघन का प्रश्नअशुद्ध करनेवाली बातेंकनानी जाति की स्त्री का विश्वासअनेक रोगियों को चंगा करनाचार हजार लोगों को खिलानाफरीसियों द्वारा यीशु का परखा जानाफरीसियों और सदूकियों का ख़मीरपतरस का यीशु को मसीह स्वीकारनाअपनी मृत्यु के विषय यीशु की भविष्यद्वाणीयीशु के पीछे चलने का मतलबयीशु का रूपान्तरमिर्गी से पीड़ित बालक को चंगाईअपनी मृत्यु के विषय यीशु की पुनः भविष्यद्वाणीमन्दिर का कर लेनास्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन?ठोकर खिलाने वालों पर हायखोई हुई भेड़ का दृष्टान्तअपराधियों के प्रति व्यवहाररोकना और अवसर देनाक्षमा न करनेवाले दास का दृष्टान्ततलाक का प्रश्नबच्चों को आशीर्वादधनी नवयुवक का महत्त्वपूर्ण प्रश्नदाख-वाटिका के मजदूरों का दृष्टान्तअपनी मृत्यु और पुनरुत्थान के विषय पुनः भविष्यद्वाणीएक माँ का अपने बच्चों के लिए आग्रहदो अंधों को दृष्टिदानयीशु का यरूशलेम में विजय प्रवेशमन्दिर से व्यापारियों का निकाला जानाअंजीर के पेड़ से शिक्षायहूदी अगुओं का यीशु के अधिकार पर संदेहदो पुत्रों का दृष्टान्तदुष्ट किसानों का दृष्टान्तविवाह-भोज का दृष्टान्तकैसर को कर देनापुनरुत्थान और विवाहसबसे बड़ी आज्ञामसीह दाऊद का पुत्र या दाऊद का प्रभु है?शास्त्रियों और फरीसियों की आलोचनायीशु का यरूशलेम पर विलापयीशु द्वारा मन्दिर के विनाश की भविष्यद्वाणीयीशु के वापस आने का चिन्हमहासंकट का आरम्भमनुष्य के पुत्र का पुनरागमनअंजीर के पेड़ से शिक्षाजागते रहोविश्वासयोग्य दास और दुष्ट दासदूल्हे की प्रतीक्षा करती दस कुँवारियों का दृष्टान्ततीन दासों का दृष्टान्तयीशु संसार का न्याय करेगायीशु की हत्या का षड्यंत्रयीशु पर बहुमूल्य इत्र का छिड़कावयहूदा इस्करियोती का विश्वासघातचेलों के साथ फसह का अन्तिम भोजप्रभु भोजपतरस के इन्कार की भविष्यद्वाणीगतसमनी के बगीचे में प्रार्थनायीशु को बन्दी बनानाकैफा के सामने यीशुपतरस द्वारा यीशु को नकारनापिलातुस के सामने यीशुयहूदा इस्करियोती की आत्महत्यापिलातुस का यीशु से प्रश्नयीशु को छोड़ने में पिलातुस असफलक्रूस पर चढ़ाने के लिए सौंपनासिपाहियों द्वारा यीशु का अपमानयीशु का क्रूस पर चढ़ाया जानायीशु का प्राण त्यागनायीशु का दफनाया जानायीशु की क्रब पर पहरायीशु का जी उठनास्त्रियों को यीशु का दर्शनपहरेदारों की सूचनाचेलों को दर्शन और अन्तिम आज्ञा